धर्मशाला। खेल नगरी धर्मशाला को देश के पहले हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर की सौगात नहीं मिल पाएगी। केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की संयुक्त निरीक्षण टीम ने प्रस्तावित भूमि को अनुपयुक्त मानते हुए यह प्रोजेक्ट स्थगित कर दिया है। अब प्रदेश सरकार इस भूमि पर पर्यटन विभाग के तहत वेलनेस सेंटर स्थापित करने जा रही है।
बनगोटू (चोहला) में प्रस्तावित इस सेंटर के लिए 13 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिह्नित की गई थी। वर्ष 2017 में राष्ट्र स्तरीय टेनिस प्रतियोगिता के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस परियोजना की घोषणा की थी। साई के माध्यम से 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सेंटर में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित थीं। यहां 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रेक, 300 बिस्तरों का खेल छात्रावास, बहु-उद्देशीय इंडोर खेल स्टेडियम और खेलों से संबंधित रिसर्च के कार्य होने थे।
परियोजना के तहत देशभर के खिलाड़ियों के लिए नियमित ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाने थे, जिससे धर्मशाला को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर विशेष स्थान मिलने की उम्मीद थी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार, पर्यटन और खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावनाएं थीं। लेकिन निरीक्षण रिपोर्ट में भूमि को उपयुक्त न ठहराए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी का माहौल बन गया है।
उधर, जगह को अनुपयुक्त मानने के बाद अब प्रदेश सरकार इस भूमि को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर रही है। एक संयुक्त टीम ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण कर लिया है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है।
कोट्स
धर्मशाला के बनगोटू में देश का पहला हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर प्रस्तावित है। भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से संयुक्त निरीक्षण के बाद भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रोजेक्ट रद्द होने की कोई अधिकारिक सूचना हमारे पास नहीं है।
-राजीव जस्सल, प्रभारी, भारतीय खेल प्राधिकरण, धर्मशाला
जहां स्पोर्ट्स सेंटर प्रस्तावित था, वहां पर्यटन विभाग का वेलनेस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव आया है। पर्यटन विभाग को भूमि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी पर्यटन विभाग ही दे सकता है। यह मामला मेरे कार्यभार ग्रहण करने से पहले का है। - मोहित रत्तन, एसडीएम धर्मशाला