धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उच्च वेतनमान वापसी का निर्णय कर्मचारियों पर सीधा प्रहार है। यह आरोप जेओए आईटी संघ जिला कांगड़ा के उपप्रधान अनिल कौंडल ने एक प्रेस बयान में लगाया।
उन्होंने कहा कि 3 जनवरी 2022 को पूर्व सरकार की अधिसूचना के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी समेत क्लास-3 कर्मचारियों को नियमित सेवा के दो वर्ष बाद उच्च वेतनमान प्रदान किया गया था। मगर वर्तमान सरकार ने शनिवार को जारी अधिसूचना से इसे वापस ले लिया है।
संघ का कहना है कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों का वेतन लगभग 30 फीसदी तक कम हो जाएगा। इससे खासकर क्लास-3 कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा। जिन परिवारों की आजीविका पूरी तरह मासिक वेतन पर निर्भर है, उन्हें गंभीर संकट और असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा। अनिल कौंडल ने कहा कि संघ मांग करता है कि इस संशोधन को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेशभर में कर्मचारियों के बीच गहरा असंतोष फैलना तय है।