ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन करते राज्यपाल और उनकी धर्मपत्नी। संवाद
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। कविंद्र गुप्ता ने राज्यपाल बनने के बाद पहली बार शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों की भूमि है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित प्रबंधन उपलब्ध करवाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भव्य कॉरिडोर विकसित कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया गया है, उसी तर्ज पर हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरों में भी आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
इससे पहले राज्यपाल और उनकी पत्नी का मंदिर प्रशासन व पुजारी वर्ग ने स्वागत किया। उन्हें माता की चुनरी भेंटकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने मंदिर परिसर स्थित मोदी भवन, शयन भवन, योगिनी कुंड और हवन कुंड का भी अवलोकन किया। प्रधान पुजारी दिव्यांशु भूषण शर्मा ने राज्यपाल को मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व और यहां की प्राचीन परंपराओं की जानकारी दी।