बैजनाथ (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश सरकार एक तरफ गंभीर वित्तीय संकट का हवाला देकर कर्ज ले रही है, वहीं विधायकों और मंत्रियों के वेतन भत्तों में भारी वृद्धि कर रही है। यह बात स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव राज सूद ने प्रेस बयान में कही।
उन्होंने कहा कि सरकार 200 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने जा रही है। कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने पहले ही प्रदेश को 1,01,575 करोड़ के कर्ज में डुबो दिया है। वहीं, माननीयों के वेतन भत्तों और पेंशन संशोधन विधेयक 2019 में 60 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। अब बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने ध्वनिमत से अपने वेतन भत्तों में और 30 प्रतिशत वृद्धि कर ली है।
बलदेव राज सूद ने कहा कि सरकार और विपक्ष के इस निर्णय का स्वाभिमान पार्टी डटकर विरोध करती है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक जनता के नौकर हैं और खजाने की मालिक जनता है। जनता की जेब से टैक्स के रूप में आने वाली राशि का उपयोग नौकर मनमानी से नहीं कर सकते। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे सरकार और विपक्ष के इन मनमाने और असंवैधानिक निर्णयों के विरोध में एकजुट हों।