सुनहेत में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भजनों पर नाचते हुए महिलाएं। स्रोत: आयोजक
रैहन (कांगडा)। कथावाचक जया देवी महाराज ने कहा कि कलियुग में शिव कथा का श्रवण करने वाला अत्यंत भाग्यशाली होता है और इससे व्यक्ति कलियुग के कष्टों से बच सकता है। यह बात उन्होंने श्री राधा कृष्ण मंदिर वासा में चल रही शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन प्रवचन सुनाते हुए कही।
कथा में उन्होंने चंचुला के उद्धार, देवराज की शिवलोक प्राप्ति और भस्मासुर के प्रसंगों का व्याख्यान किया गया। जया देवी ने कहा कि भस्मासुर ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया, लेकिन शक्ति का दुरुपयोग और अहंकार के कारण उसका अंत उसी वरदान से हुआ। जब मनुष्य अपने अहंकार, क्रोध और लोभ के वश में आकर शक्ति का गलत प्रयोग करता है तो उसका पतन निश्चित होता है।
कथा स्थल पर भजनों और शिव महिमा के गुणगान ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने श्रद्धा पूर्वक कथा श्रवण किया। कथा समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित की जा रही है और 30 अक्तूबर को अंतिम दिन हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।