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वैज्ञानिक लैबोरेटरी तक ही न रहें सीमित: राज्यपाल

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पालमपुर (कांगड़ा)। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिकों की ओर से किए जा रहे कार्यों को जमीन पर उतारना होगा। वैज्ञानिक सिर्फ लैब तक ही न सीमित रहें, बल्कि अपने शोधों को किसानों तक ले जाएं। राज्यपाल पालमपुर में आईएचबीटी संस्थान में संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि आईएचबीटी संस्थान हींग और राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाए जाने वाले फलों, मोंक फ्रूट्स को प्रोत्साहन देने के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को राज्य की विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से आगे ले जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में संभावित नए क्षेत्रों में केसर की खेती की सफलता न केवल स्थानीय किसानों में समृद्धि लाएगी, बल्कि इससे देश में केसर के उत्पादन की घटती स्थिति में भी सुधार होगा। राज्यपाल ने सीएसआईआर के सभी विभागों का दौरा कर कहा कि औषधीय पौधों पर लगातार बढ़ती निर्भरता और इसके अंधाधुंध दोहन में तेजी से गिरावट आई है। संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने राज्यपाल को संस्थान में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस मौके पर निदेशक संजय कुमार, संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके सूद, कृषि विवि के कुलपति प्रो. अशोक सरियाल, रजिस्ट्रार पंकज शर्मा, राज्यपाल के एडीसी मोहित चावला, एसडीएम धर्मेश रमोत्रा, डीएसपी अमित शर्मा, केजी बुटेल, बीना श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने किए शिलान्यास और उद्घाटन
राज्यपाल ने आईएचबीटी में 350 केवीए की सौर ऊर्जा सुविधा, पुल और सड़क नेटवर्क का शुभारंभ किया। साथ ही यहां पर बनने वाले तीस करोड़ की लागत से 120 कमरों के छात्रावास की आधारशिला रखी। संस्थान के सदस्यों ने राज्यपाल की मौजूदगी में स्नातकोत्तर अनुसंधान के लिए आईसीएआर भारतीय गेहूं और जौ शोध संस्थान करनाल और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के साथ पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
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