पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पालमपुर की स्थिति स्पष्ट न किए जाने से यहां शिक्षा ग्रहण कर रही सैकड़ों छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छठी से जमा दो तक हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के तहत पढ़ाई कर रही छात्राओं को डर है कि न जाने कब स्कूल को लेकर कोई नया फरमान जारी हो जाए।
दरअसल, इस स्कूल को घुग्गर स्कूल में सीबीएसई के तहत मर्ज किया गया था, लेकिन जनता और छात्राओं के भारी विरोध के बाद सरकार और विभाग ने इस फैसले को अधूरा छोड़ दिया। इसे न तो पूरी तरह सीबीएसई में बदला गया और न ही प्रदेश शिक्षा बोर्ड में रखने के साफ आदेश जारी हुए। इस असमंजस के बीच स्कूल में दाखिले भी हो गए और पिछले तीन महीनों से प्रदेश शिक्षा बोर्ड के तहत नियमित पढ़ाई भी चल रही है।
मगर, सरकार की ओर से अभी तक लिखित में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार स्वयं मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बात कर चुके हैं। पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी इसे सरकार के समक्ष रख चुके हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक प्रवीन कुमार और संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव सोनी ने भी स्कूल की स्थिति को यथावत रखने की पुरजोर मांग की है। पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि जब शांता कुमार ने खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, तो सरकार को इस विषय को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।
छात्राओं की पीड़ा और भारी विरोध को देखते हुए इस स्कूल की स्थिति को यथावत रखने की बात प्रदेश सरकार के समक्ष मजबूती से रखी गई है। हमारा पूरा प्रयास है कि इस स्कूल को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के तहत ही सुचारू रूप से चलाया जाए। -आशीष बुटेल, विधायक, पालमपुर