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Kangra News: धर्मशाला में दोगुनी से अधिक हुईं वनाग्नि की घटनाएं, नुकसान बढ़ा

Sat, 27 Jun 2026 01:41 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। वन मंडल धर्मशाला में इस वर्ष वनाग्नि की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार घटनाओं की संख्या दोगुने से भी अधिक रही, जिससे बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में धर्मशाला वन मंडल के अंतर्गत आग लगने की 80 घटनाएं सामने आईं, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या केवल 35 थी।
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इस वर्ष आग की घटनाओं से कुल 347.65 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि पिछले वर्ष 139.74 हेक्टेयर क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था। आग के कारण पेड़-पौधों, झाड़ियों और प्राकृतिक वनस्पति को व्यापक क्षति पहुंची है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025-26 में वनाग्नि से वन विभाग को करीब 9.50 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा लगभग सात लाख रुपये था।
वर्ष 2025-26 में धर्मशाला परिक्षेत्र में वनाग्नि की सर्वाधिक 32 घटनाएं सामने आईं। इसमें 38.75 हेक्टेयर पेड़-पौधे और 161.15 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। इससे करीब 5,59,860 रुपये का नुकसान हुआ। कांगड़ा में दर्ज 24 मामलों में 25 हेक्टेयर पेड़-पौधों व 84.4 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। मलां में 18 मामलों में 62.5 हेक्टेयर पेड़-पौधों व 9.01 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। लपियाणा में 3 मामलों में 8 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई, जबकि शाहपुर में सामने आए एक मामले में 4 हेक्टेयर क्षेत्र झुलसने से लगभग 10 हजार रुपये का नुकसान आंका गया।
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वहीं, वर्ष 2024-25 के दौरान धर्मशाला में वनाग्नि के 21 मामलों में 87.9 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ था और 5,85,036 रुपये का नुकसान हुआ था। कांगड़ा में 3 मामलों में 7.5 हेक्टेयर क्षेत्र झुलसा था। मलां में 10 मामलों से 39.34 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और 1,16,820 रुपये का नुकसान हुआ। पिछले वर्ष शाहपुर में वनाग्नि का कोई मामला नहीं था, जबकि लपियाणा में एक मामले में 5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ था और 6,000 रुपये का नुकसान दर्ज किया गया था।
जंगलों में आग की अधिकांश घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण हुईं। इस बार वन विभाग ने लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई थी। आम जनता से अपील है कि वे जंगलों में आग न लगाएं और किसी भी तरह की आगजनी की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। - अमित शर्मा, डीएफओ, धर्मशाला वन मंडल
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