देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर पंचायती राज चुनावों से टालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्गठन का बहाना बनाकर और हार के भय से पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को विलंबित करने का प्रयास कर रही है।
बिक्रम ठाकुर ने प्रश्न किया कि यदि पंचायतों का पुनर्गठन इतना आवश्यक था, तो सरकार इतने समय तक निष्क्रिय क्यों रही। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान यह निर्णय सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में चौकीदारों की भर्ती नहीं हो पाने के कारण सैकड़ों पंचायतें बिना चौकीदार के संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि 17 वर्षों के बाद ग्राम रोजगार सेवकों को नया अनुबंध दिया गया है, जबकि भाजपा सरकार ने उन्हें मनरेगा के तहत नियमित किया था। इसके अलावा ग्राम रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों और पंचायत सचिवों के हजारों पद रिक्त हैं। ऐसे में पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय तर्कसंगत नहीं है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार की त्रुटिपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण प्रदेश के उद्योगपतियों में गहरा आक्रोश है और इसी कारण प्रदेश से उद्योगों का तीव्र पलायन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने उद्योग जगत को पूरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे प्रदेश के युवाओं के रोजगार के अवसर समाप्त हो रहे हैं।