धर्मशाला। एक तरफ जहां सरकारी कर्मचारी छुट्टियों का रोना रोते रहते हैं वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो छुट्टी वाले दिन भी अपने काम को प्राथमिकता देते हैं। मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से घोषित स्थानीय अवकाश के बावजूद धर्मशाला क्षेत्रीय अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचे और उन्होंने क्रमवार 21 मरीजों की आंखों की जांच की। इस दौरान उन्होंने मरीजों की आंखों की लेंस पावर जांची और उन्हें आईपीडी में भर्ती किया। बुधवार को इन मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए जाएंगे।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ने मरीजों को तीन दिन पहले मंगलवार को आंखों की जांच के लिए बुलाया था, मगर मकर संक्रांति की लोकल छुट्टी के चलते अस्पताल बंद था। ऐसे में डॉक्टर ने सभी मरीजों को फोन किया और सुबह अस्पताल में जांच के लिए बुलाया और उनकी जांच कर आईपीडी में भर्ती करवाया। नेत्र विशेषज्ञ के साथ टांडा मेडिकल कॉलेज का एक प्रशिक्षु डाक्टर भी मौजूद थे और दोनों में मंगलवार को 21 मरीजों की आंखों की जांच की।
अगर मंगलवार को मरीजों की आंखों की जांच नहीं हो पाती है तो बुधवार को आंखों के ऑपरेशन नहीं हो पाने थे। इसी को देखते हुए मरीजों को छुट्टी वाले दिन अस्पताल बुलाया। डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि मंगलवार को छुट्टी घोषित की गई, लेकिन मरीजों को पहले ही जांच के लिए तारीख दी गई थी। इस कारण छुट्टी वाले दिन मरीजों की आंखों की जांच कर उन्हें आईपीडी में भर्ती किया गया। बुधवार को इन मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए जाएंगे।
क्या बोले मरीज
- मंगलवार को छुट्टी के बाद भी डाॅक्टर ने मरीजों को आंखों की जांच के लिए बुलाया और जांच कर उन्हें आईपीडी में भर्ती करवाया। छुट्टी वाले दिन भी मरीजों का ख्याल रहना एक सराहनीय कार्य है।
- रिंकु कुमार, तीमारदार, राजोल
- अगर मंगलवार को आंखों की जांच नहीं होती है तो बुधवार को ऑपरेशन नहीं हो पाने थे, मगर डाॅक्टर ने मरीजों को मंगलवार को छुट्टी वाले दिन फोन कर अस्पताल बुलाया और आंखों की जांच की।
-शारदा देवी, मरीज, लांझणी
- छुट्टी वाले दिन भी अस्पताल में आकर मरीजों की जांच करना सराहनीय कार्य है। इसी तरह सभी डाॅक्टरों को मरीजों का ख्याल रखना चाहिए, ताकि मरीजों को अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
- मलका देवी, मरीज, बंडी
- धर्मशाला अस्पताल के डाॅक्टर बेहतर कार्य कर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। कई बार छुट्टी वाले दिन भी डाॅक्टर अस्पताल में मरीजों की जांच और उनका हाल पूछने पहुंचते हैं।
- डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, धर्मशाला अस्पताल