नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। सरकारी राशन डिपुओं में यूरिया खाद एमआरपी से अधिक दाम पर दी जा रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति रोष पैदा हो गया है। ऐसा ही मामला नगरोटा सूरियां के तहत सहकारी सभा सोसायटी कथोली के डिपो में सामने आया है। कथोली डिपो में हिमफेड की यूरिया खाद किसानों को अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर बेची जा रही है। जिन किसानों ने एक बोरी यूरिया खाद खरीदी है उसे आधार कार्ड लिंक मोबाइल पर तीन बोरी का बिल काटने का मेसेज आ रहा है। इससे खाद घोटाले की बू आ रही है। हिमफेड की यूरिया खाद की बोरी पर एमआरपी 266 रुपये अंकित है, जबकि किसानों से 300 रुपये प्रति बोरी वसूला जा रहा है। जबकि मोबाइल पर आए बिल के मेसेज में 266 रुपये प्रति बोरी दर्शाया गया है। इस तरह डिपो का सचिव 34 रुपये प्रति बोरी अधिक मूल्य वसूल रहा है। कथोली के किसान अतर सिंह का कहना है कि उन्होंने एक बोरी खाद खरीदी और 300 रुपये लिए गए। मोबाइल पर जो मेसेज आया उसमें तीन बोरियों का मूल्य 798 रुपये दर्शाया गया है। हैरानी की बात है कि बोरी पर अंकित एमआरपी से 34 रुपये अधिक वसूले जा रहे, वहीं दो बोरी अधिक का बिल काटा जा रहा है। किसानों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इसकी जांच करवाने की मांग की है।
उधर, सहकारी सभा सोसायटी कथोली के सचिव लखविंद्र सिंह का कहना है कि 34 रुपये खाद का किराया वसूला जा रहा है। इस कारण उन्हें एमआरपी से अधिक मूल्य में खाद बेचनी पड़ रही है। जबकि, नापतोल विभाग के निरीक्षक नीरज भारती ने कहा कि उपभोक्ता या ग्राहक से एमआरपी से अधिक मूल्य नहीं लिया जा सकता। इसकी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।