जवाली (कांगड़ा)। नगर पंचायत जवाली और इसके के साथ लगते गांवों में 32 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो पाई है। वहीं, बिजली विभाग की इस लचर व्यवस्था को लेकर स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
लोगों का कहना है दो दिन बारिश क्या रही बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली की पोल खुल गई। स्थानीय निवासी अजय कुमार, रमेश कुमार, पवन कुमार, विनोद कुमार आदि का कहना है कि बत्ती गुल रहने से रविवार को नलों में पानी की सप्लाई भी नहीं हुई, जिससे घरेलू कामकाजी महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लब बाजार के कारोबारी अश्विनी शर्मा, रिक्की परमार, राकेश कुमार, विजय कुमार, केशी कुमार, भगवान सिंह, सौरभ अत्री, समीर चौधरी और मनीश कुमार का कहना है कि शनिवार को भी बिजली गुल रहने से कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, जवाली के मेन बाजार में तो दुकानदारों ने शनिवार को दोपहर बाद ही दुकानें बंद कर दी। उनका कहना है कि एक तो कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और ऊपर से बत्ती गुल होने से दुकान में ग्राहक भी नहीं आ रहे तो बेकार बैठने से अच्छा है कि घर में रजाई में बैठें। उधर, घरों में भी लोगों को बत्ती न होने से मोबाइल फोन की बैटरी डेड होने से कॉल करने में भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल रहने से बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासी धीरज कुमार, सोहन सिंह आदि का कहना है कि नौकरी पेशा लोगों के पास के एक संडे ही होता है कि वे इस दिन अपने कपड़े आदि धो सकें और आराम कर सकें। इस संडे तो बत्ती गुल रहने और पानी की सप्लाई न होने से उनका पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया। उन्होंने स्थानीय विधायक अर्जुन ठाकुर से भी मांग उठाई है कि बिजली बोर्ड की लचर व्यवस्था सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इस संदर्भ में सहायक अभियंता राजेश धीमान ने बताया कि तूफान की वजह से कई जगह तार टूट गए हैं। मेजर फाल्ट को ढूंढ रहे हैं। शीघ्र ही बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।