धर्मशाला/लंबागांव/जवाली। हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट फ्रंट के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर धर्मशाला, जवाली और लंबागांव समेत अन्य विद्युत मंडल में इंजीनियरों, कर्मचारियों और पेंशनरों ने प्रदर्शन किया। इसमें विद्युत बोर्ड की इंपलाइज यूनियन, तकनीकी यूनियन, जेई एसोसिएशन, एईई एसोसिएशन, पावर एसोसिएशन, राज्य विद्युत रिटायर्ड फोरम के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रदेश सरकार और बोर्ड प्रबंधन से मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
कर्मचाारी यूनियन धर्मशाला यूनिट के सचिव कुलदीप कुमार, केसी भारती, अतुल, देसराज और नितिन ने कहा कि सरकार ने 16 अक्तूबर की अधिसूचना के तहत बोर्ड में इंजीनियरिंग वर्ग के सभी 51 पदों को समाप्त कर दिया। जिसका कर्मचारी कड़ा विरोध करते है। उन्हें सरकार बहाल करें। वहीं, बिजली बोर्ड की विभिन्न इकाइयों में पिछले 10-12 वर्षों से चालक के पद पर कार्यरत 81 आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी के आदेश वापस ले और बिना किसी देरी के पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करें। उन्होंने कहा कि सरकार के बीच निष्पादित एचपीएसईबी स्थानांतरण योजना, 2010 से जुड़े द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का पालन करना चाहिए।
प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे की ओर से एचपीएसईबीएल ईएंडई के संयुक्त मोर्चे के परामर्श के बिना किसी भी संपत्ति (लाइन, सब-स्टेशन, पावर हाउस आदि) को अन्य इकाई में स्थानांतरित ने किया जाए। इसके अलावा एचपीएसईबीएल की सेवा समिति द्वारा पहले से ही अनुमोदित टी/मेट के 1030 पदों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की जाए और रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आल इंडिया पावर एसोसिएशन भी बोर्ड कर्मचारियों के समर्थन में उतर आया है और जल्द ही मांगों को पूरा न किया गया तो देशभर में धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। इसी तरह जवाली और जयसिंहपुर में भी प्रदर्शन किया गया।