धर्मशाला। स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश सरकार द्वारा 100 और सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा का हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ ने इसे राज्य की अपनी शिक्षा व्यवस्था और बोर्ड के कार्यक्षेत्र को सीमित करने वाला कदम करार दिया है।
कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि प्रदेश के करीब 150 सरकारी स्कूल पहले ही सीबीएसई के अधीन किए जा चुके हैं। अब 100 और स्कूलों को सीबीएसई में शामिल करने का फैसला राज्य बोर्ड के अस्तित्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्य की अपनी संस्था को सुदृढ़ करने के बजाय केंद्रीय एजेंसी को तवज्जो देना चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि केवल स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ना शिक्षा सुधार का समाधान नहीं है। सरकार को सरकारी विद्यालयों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और बोर्ड की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। संघ ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और राज्य शिक्षा बोर्ड को सशक्त बनाने की मांग की है।