धर्मशाला। जिला एवं पुलिस प्रशासन के दावों के विपरीत तपोवन में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन व्यवस्थाएं हांफ गईं। शहर में जाम लगता रहा और लोग परेशान होते रहे।
शुक्रवार सुबह सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के लिए आ रहे विधायकों को जाम के चलते परेशानी झेलनी पड़ी। इसके चलते कई विधायक सदन में समय पर नहीं पहुंच पाए। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष ने भी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार विधायकों को भी समय पर विधानसभा पहुंचाने में नाकाम रही है। वहीं, भीड़ को रोकने के लिए सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए। प्रशासन ने सीएम से मिलने आने वाले फरियादियों एवं प्रतिनिधिमंडलों को होल्डिंग एरिया बनाकर रोकने की व्यवस्था बनाई थी। लेकिन प्रदर्शनकारी पैदल ही दाड़ी से जोरावर स्टेडियम और फिर स्टेडियम से विधानसभा भवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए।
सुबह सात बजे से ही प्रदर्शनकारी पैदल दाड़ी से झंडे-डंडों के साथ जोरावर स्टेडियम के लिए निकल पड़े। इसके चलते सुबह से ही सड़कों पर लंबे-लंबे जाम लगते रहे। सड़कों पर जाम का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इसके चलते शहर में आम से लेकर खास हर वाहन चालक परेशान दिखा।
सैनिटाइजर तक रखवा लिए गेट पर
कोविड-19 से बचाव का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे। लेकिन पहले ही दिन गेट पर नजारा कुछ और ही दिखा। सुरक्षाकर्मियों ने परिसर के अंदर जाने वाले हर व्यक्ति का सैनिटाइजर गेट पर ही रखवा लिया। वहीं, गेट के अलावा पूरे परिसर में कहीं कोई हैंड सैनिटाइजर नहीं दिखा। ऐसे में कुछ लोगों ने सवाल किए कि बिना सैनिटाइजर के लोग कोविड के संक्रमण से कैसे बच पाएंगे।