धर्मशाला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ और टीम। -स्रोत : विभाग
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग ने कूल्हे के पास जांघ की हड्डी (प्रॉक्सिमल फीमर) के एक अत्यंत जटिल फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया है। इससे 19 वर्षीय युवक दोबारा चलने-फिरने के सक्षम बन गया है।
इस सफल सर्जरी के बाद अब ऐसे गंभीर मामलों के लिए मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार निवासी राजा कुमार को जब अस्पताल लाया गया तो वह गंभीर फ्रैक्चर के कारण चलने में पूरी तरह असमर्थ था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल भारद्वाज के नेतृत्व में डॉ. परवीन और डॉ. रजत की टीम ने प्रॉक्सिमल फेमोरल नेलिंग तकनीक और अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन के जरिए इस सफल सर्जरी को अंजाम दिया।
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. विवेक शर्मा और डॉ. पायल ने भी अहम भूमिका निभाई। डॉ. राहुल भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल में फ्रैक्चर टेबल जैसी आधुनिक मशीनरी उपलब्ध होने से अब जटिल से जटिल फ्रैक्चर का इलाज यहीं संभव है। अस्पताल की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा कि ऐसी सफलताओं से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने पैरों पर चलने लगा है।