धर्मशाला। जिस व्यक्ति को मरा हुआ समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, वही दो दिन बाद घर लौट आया। यह सुनकर आप हैरत में पड़ गए होंगे, लेकिन ऐसा वाकया हुआ है धर्मशाला के लोअर गमरू मोहल्ला में। शहरों-गांवों में घूमकर कपड़े बेचने वाला धर्मशाला के लोअर गमरू मोहल्ला के शुभकरण 9 नवंबर को बिना बताए घर से चले गए। इसके बाद दिवाली तक घर नहीं पहुंचे। घर वालों से भी संपर्क नहीं हुआ।
इस पर परिजन चिंतित हो गए। चिंतित पत्नी ने दिवाली की शाम को धर्मशाला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस को 18 नवंबर को धर्मशाला के पास अज्ञात शव मिला था। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के चलते पुलिस ने शिनाख्त के लिए शुभकरण के परिवार को बुलाया। 19 नवंबर को अज्ञात शव के हाथ का अंगूठा टेढ़ा देख पत्नी और परिजनों ने शव अंतिम संस्कार के लिए ले लिया।
शव क्षत-विक्षिप्त हालत में था। अंगुठे की पहचान से ही शिनाख्त की। इसी दिन हिंदू रीति-रिवाज से शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 20 नवंबर को अस्थियां बहा दी गईं। इसके बाद शुभकरण के पुत्र को फोन आया कि तुम्हारा पिता जिंदा है। परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शुभकरण ने 20 नवंबर को फोन कर बताया कि वह जीवित है। 21 नवंबर को शुभरकण अपने घर लोअर गमरू मोहल्ला आ गया।
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तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया
शुभकरण तो जिंदा घर लौट आया, लेकिन गलतफहमी से जिस अज्ञात व्यक्ति का अंतिम संस्कार लोअर गमरू मोहल्ला में कर दिया गया आखिरकार वह शख्स कौन था। इस पर अब बड़ा सवाल उठ रहा है। अजब सी इस पहेली को लेकर पुलिस भी उलझ गई है। आननफानन में अब पुलिस ने अज्ञात शव के फोटो तमाम थानों में भेजे हैं, ताकि जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी शिनाख्त की जा सके है।
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उठ रहे सवाल :
1. हिंदू रीति-रिवाज से जलाया गया शव आखिर किसका
2. अज्ञात व्यक्ति की हत्या हुई या आत्महत्या या कुछ और बना पहेली
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शुभकरण ने अमर उजाला को सुनाई पूरी कहानी
शुभकरण ने अमर उजाला की टीम को बताया कि वह 9 नवंबर को घर से बिना बताए चला गया था। वह तिब्बती मूल के एक व्यक्ति के साथ जालंधर में स्वेटर बेचने का काम करता है। जालंधर में पहुंचने के बाद वह फेरी लगाकर सामान बेच रहा था। ऐसे में उसे घर में संपर्क करने का मौका नहीं मिला। उसने 20 नवंबर को अपने घर फोन किया था। इस दौरान उसकी पत्नी ने उसकी मौत की खबर सुनाई। उसकी पत्नी कमलेश ने बताया कि लाश का अंगूठा टेढ़ा था, इसलिए वह धोखा खा गई। चूंकि, मेरा अंगूठा भी टेढ़ा है। कमलेश ने बताया कि शव गला-सड़ा होने के कारण पहचाना नहीं जा रहा था।
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लोअर गमरू मोहल्ले का शुभकरण जिंदा है। धर्मशाला के पास कुछ दिन पहले एक अज्ञात शव मिला था। शुभकरण के परिजनों ने गलतफहमी से इसकी शिनाख्त की थी। अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्त को शव के फोटो तमाम थानों में भेजे गए हैं।
- जिला पुलिस प्रवक्ता, एएसपी विजय सकलानी
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