टांडा (कांगड़ा)। टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डायलिसिस मशीनों की संख्या आठ से बढ़ाकर 16 कर दी गई है। मशीनें दोगुना होने से अब पहले के मुकाबले अधिक मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। इससे किडनी मरीजों, जिनका डायलिसिस होता है, उन्हें अब काफी राहत मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पहले प्रतिदिन औसतन 35 डायलिसिस किए जाते थे, जो अब बढ़कर 50 से अधिक हो गए हैं। इससे मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, मशीनों की संख्या बढ़ने के बावजूद स्टाफ की कमी चुनौती बनी हुई है। डायलिसिस यूनिट का संचालन ठेके पर कर रही राही हेल्थ केयर ने मशीनों के अनुपात में स्टाफ नहीं बढ़ाया है। ऐसे में संसाधनों का पूरा लाभ मरीजों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त तकनीकी और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती जरूरी है। मरीजों और उनके परिजनों ने मशीनें बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर नैफ्रोलॉजी हेड डॉ. अभिनव राणा ने बताया कि संस्थान में डायलिसिस की आठ नई मशीनें लगने से जहां मरीजों को रहात मिलेगी वहीं, उनके तीमारदारों को भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है। नया डायलिसिस वार्ड टीएमसी की पुरानी इमारत के चौथे फ्लोर पर आईसीयू के साथ तैयार किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस यूनिट के शुरू होने से क्षेत्र के सैकड़ों किडनी रोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। मशीनों के संचालन के लिए स्टाफ में भी जल्द बढ़ोतरी की जाएगी।
-डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य टीएमसी