धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला के दाड़ी मैदान में चल रहा पारंपरिक धुम्मूशाह मेला इस बार अपनी पुरानी रौनक खोता नजर आ रहा है। जहां पहले यह मेला बच्चों के उत्साह और खिलौनों की चहल-पहल के लिए जाना जाता था, वहीं अब हर तरफ कपड़ों के स्टॉल और बढ़ी हुई कीमतें लोगों को खटक रही हैं। झूलों से लेकर खिलौनों तक महंगाई का असर साफ दिख रहा है, जिससे बच्चों के चेहरे पर पहले जैसी खुशी नहीं दिख रही।
मेले में पहुंचे बच्चों का कहना है कि पहले शिव मंदिर और प्राइमरी स्कूल आदि स्थानों में भी कुछ दुकानें लगाईं जाती थी लेकिन अब मुख्य मेला केवल मैदान में ही सीमित रह गया है। इससे मेले में दुकानें कम रह गईं हैं। खिलौनों की दुकानें तो ईका-दुक्का ही दिखाई दे रही हैं। मैदान में हर जगह ज्यादातर कपड़ों के ही स्टॉल लगाए गए हैं। इस दौरान सभी प्रकार के दामों में 50 से 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हर झूले पर झूलने के लिए दाम 30 रुपये बढ़कर 100 रुपये हो गए हैं।
ठेकेदार ने बाद में आधे दाम पर बेचे प्लॉट
पहले जो स्टॉल 50,000 रुपये में मिल रहे थे, पांच दिन बाद 25,000 और 30,000 में मिल रहे हैं। कारोबारी मनोज, राहुल, विष्णु, अमित ने बताया कि प्लॉट महंगे होने के कारण मेले शुरू होने के समय प्लॉट नहीं खरीद पाए थे लेकिन बाद में मेले में जब काफी प्लॉट खाली रह गया तो ठेकेदार ने सस्ते दामों प्लॉट बेचे। कारोबारियों ने कहा कि पहले मेले में सस्ते स्टाॅल मिल जाते थे तो कुछ पैसे बच जाते थे लेकिन अब केवल स्टॉल के किराया ही पूरा हो रहा है।
अब मेले में पुरानी रौनक नहीं दिख रही है। इस बार का मेला बोरिंग हो रहा है। मेले में हर तरफ कपड़े ही दिखाई दे रहे हैं। बच्चों के खिलौने बहुत कम दिख रहे हैं और महंगे भी मिल रहे हैं। - नंदनी
मेले में पारंपरिक गतिविधियां बहुत कम दिखाई दे रही हैं। पहले मेला घूमने में मजा आता था लेकिन अब केवल मैदान तक ही मेला सिमटकर रह गया है। -सक्षम आर्यन
मेले में इस बार बच्चों के खिलौनों और अन्य सामान में 50 से 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। - रीना
दाड़ी मेला
दाड़ी मेला
दाड़ी मेला
दाड़ी मेला