बहुमंजिला मकान के निर्माण खर्च का पूरा रिकॉर्ड भी नहीं मिला
विजिलेंस ने धर्मशाला के रक्कड़ स्थित विधायक के बहुमंजिला मकान के निर्माण खर्च के दस्तावेज भी मांगे थे। एजेंसी के अनुसार, निर्माण पर हुए खर्च का पूरा दस्तावेजी रिकॉर्ड अभी प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसमें निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदारों के नाम और विवरण, उनके काम की प्रकृति और उसका मूल्य, ठेकेदारों की ओर से जारी बिल व इनवॉइस, वास्तविक भुगतान, भुगतान की तारीख और माध्यम तथा संबंधित बैंकिंग ट्रेल शामिल हैं। विजिलेंस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई वित्तीय मामलों में विधायक के जवाब टालमटोल भरे और विशिष्ट विवरणों से रहित पाए गए। एजेंसी ने कहा कि इन जवाबों का तत्काल स्वतंत्र रूप से सत्यापन संभव नहीं था। इसलिए स्पष्टीकरणों की पुष्टि के लिए वित्तीय, बैंकिंग, कराधान और संपत्ति संबंधी स्वतंत्र रिकॉर्ड के साथ दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है।
भाजपाइयों ने काली पट्टियां बांधकर किया प्रदर्शन, सुधीर समेत आठ पर एफआईआर दर्ज
विधायक सुधीर शर्मा की पेशी के दौरान धर्मशाला कचहरी अड्डा और हनुमान मंदिर चौक के आसपास भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टियां बांधकर विजिलेंस कार्रवाई के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हनुमान मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं ने हवन भी किया और काफी देर तक विरोध में आवाज उठाते रहे। इससे पहले विजिलेंस कार्यालय जाने से पूर्व सुधीर ने हनुमान मंदिर में शीश नवाया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान हमीरपुर के भाजपा विधायक आशीष शर्मा और जवाली के पूर्व विधायक अर्जुन सिंह ठाकुर भी उनके साथ मौजूद रहे। हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना की आशंका के मद्देनजर विजिलेंस थाना और आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और थाने के सभी प्रवेश द्वारों पर पहरा बैठाया गया। चार प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों व लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई। पुलिस ने केवल अधिकृत कर्मियों और जरूरी काम से आए लोगों को ही अंदर जाने दिया, जबकि समर्थकों को बैरिकेड्स के बाहर ही रोक दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरपी जसवाल की अगुवाई में पुलिस बल तैनात रहा। विजिलेंस कार्यालय और आसपास के समूचे क्षेत्र की स्थिति पर ड्रोन कैमरों से लगातार नजर रखी गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को भी मुस्तैद रखा गया। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान भीड़ और यातायात व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखी।
नारेबाजी पर स्थानीय पुलिस करेगी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय की ओर से कहा गया है कि जांच में शामिल होने से पहले सुधीर शर्मा और उनके समर्थकों के विजिलेंस कार्यालय के पास एकत्र होने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली नारेबाजी करने की सूचना भी सामने आई है। विजिलेंस ने इसकी सूचना स्थानीय अधिकार क्षेत्र वाली पुलिस को दे दी है। पुलिस तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
पैतृक संपत्ति की 14 रजिस्ट्रियां, एजेंसी के पास दो की थी जानकारी : सुधीर
धर्मशाला। विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि अधिकारियों की ओर से पूछे गए अधिकांश सवालों के जवाब दे दिए गए हैं। जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी, उन्हें भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करवाया जाएगा। पूछताछ के बाद सुधीर ने आरोप लगाया कि सरकार एफआईआर और दबाव की राजनीति के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इस तरह के दबाव से वह जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि विजिलेंस के पास उनकी पैतृक संपत्ति से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। पूछताछ के दौरान दो रजिस्ट्रियों का उल्लेख किया, जबकि उनके अनुसार पैतृक भूमि से संबंधित कुल 14 रजिस्ट्रियां हैं। लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करवाया जाएगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि वह वर्ष 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सभी चुनावी हलफनामे ऑनलाइन उपलब्ध हैं। चुनाव के दौरान संपत्ति और आय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की गई है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यदि किसी दस्तावेज की जरूरत है तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा। संपत्ति या वित्तीय जानकारी छिपाने जैसी कोई बात नहीं है।
एक लिखित सबमिशन भी दाखिल किया
सुधीर शर्मा के अधिवक्ता अंकुर सोनी ने बताया कि विजिलेंस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कई सवाल किए, जिनके जवाब दे दिए गए हैं। जांच अधिकारियों के समक्ष एक लिखित सबमिशन भी दाखिल किया गया है। मामला मुख्य रूप से संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का है। बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न और चुनावी हलफनामों के माध्यम से आय और संपत्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है। संपत्तियां पुरानी होने के कारण सभी दस्तावेज जुटाने में समय लग रहा है। इसके लिए जांच अधिकारियों से समय लिया गया है।