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Kangra News: उधार के डॉक्टरों के सहारे चल रहा धर्मशाला अस्पताल का मेडिकल बोर्ड

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बारी लेट है, आराम कर लेती हूं...धर्मशाला में अस्पताल में मेडिसन ओपीडी में भीड़ अ​धिक होने के
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में चिकित्सकों की कमी के कारण मेडिकल बोर्ड का संचालन अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से बुलाए जाने वाले डॉक्टरों के सहारे चल रहा है। मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए हर शुक्रवार को जिले के विभिन्न अस्पतालों से विशेषज्ञ चिकित्सकों को विशेष तौर पर धर्मशाला बुलाया जा रहा है। इसका दोहरा असर पड़ रहा है। एक ओर जहां संबंधित अस्पतालों की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, वहीं धर्मशाला अस्पताल में सामान्य ओपीडी के मरीजों को भी लंबे इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
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मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनिवार्यता होती है। धर्मशाला अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ न होने के चलते शुक्रवार को भी ईएनटी (नाक, कान, गला) विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और ऑप्थैल्मिक ऑफिसर को बाहर से बुलाना पड़ा।
शुक्रवार को विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए करीब 120 लोग मेडिकल बोर्ड के समक्ष पहुंचे थे। इसके अलावा सामान्य ओपीडी में भी सैकड़ों मरीज जांच के लिए आए थे। डॉक्टरों को मेडिकल बोर्ड की जांच के साथ-साथ ओपीडी के सामान्य मरीजों को भी देखना पड़ा। इस दोहरी जिम्मेदारी के चलते अस्पताल के कई विभागों के बाहर मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और तीमारदारों को घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा।
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अस्पताल में कई बार चिकित्सकों के अवकाश पर रहने या विशेषज्ञ पदों के रिक्त होने के कारण मेडिकल बोर्ड के गठन में दिक्कतें आती हैं। यही वजह है कि व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से विशेषज्ञ चिकित्सकों को धर्मशाला बुलाया जाता है। -डॉ. अनुराधा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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