धर्मशाला। सालों से सियासी गतिविधियों में सुर्खियों में रहने वाली धर्मशाला मंडल भाजपा की चमक आजकल फीकी पड़ती नजर आ रही है। यहां पर पिछले कुछ समय से सियासी गतिविधियां और कार्यक्रम न के बराबर नजर आ रहे। सत्तासीन कांग्रेस सरकार के जवाबी हमलों का धर्मशाला भाजपा से माकूल जवाब नहीं मिल पा रहा है। जबकि पूर्व मंत्री किशन कपूर के समय धर्मशाला भाजपा मंडल में खूब जोश रहता था।
तब संगठन की गतिविधियां और कार्यक्रम भी समय-समय पर लोगों को आकर्षित करते रहे। कपूर के लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद पूर्व विधायक विशाल नैहरिया के समय भी धर्मशाला भाजपा संगठन में गतिविधियां चलती रहती थीं। हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने शहरी और ग्रामीण दो मंडल बनाए हैं। इसके बावजूद यहां पर सियासी गतविधियां कांग्रेस के मुकाबले बहुत कम रह गई हैं। भाजपा के गिने-चुने पदाधिकारी ही हर मोर्चे पर नजर आते हैं। लेकिन वह भी नए संगठन के गठन के बाद शांत पड़े हुए हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का कहना है कि अब भाजपा पर कांग्रेस से आए कुछ लोगों का कब्जा होता नजर आ रहा है। इसके चलते सत्तापक्ष के नेताओं का यहां प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
जिला भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि धर्मशाला विधानसभा के दोनों मंडलों की कार्यकारिणी का हाल ही में गठन हुआ है। आने वाले समय में पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बारे में दोनों मंडलों को विशेष निर्देश भी दिए जाएंगे।
धर्मशाला से कांग्रेस नेता पुनीत मल्ली ने कहा कि धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में सीएम सुखविंद्र सुक्खू के दिशा-निर्देशों पर विकास कार्य तेजी से जारी हैं। आगामी समय में पर्यटन राजधानी को लेकर और कदम उठाए जाएंगे।