धर्मशाला। श्रावण अष्टमी के नवरात्र मेलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और तीनों शक्तिपीठों में भक्ति, अनुशासन व व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ज्वालामुखी मंदिर में सर्वाधिक 43.89 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ा, जबकि कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 22.61 लाख रुपये का योगदान हुआ। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में चढ़ावे की गणना शीघ्र की जाएगी।
श्रद्धालुओं की उपस्थिति के आंकड़ों के अनुसार ज्वालामुखी में 1.70 लाख, चामुंडा में 77 हजार और बज्रेश्वरी मंदिर में 62,300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीनों शक्तिपीठों पर पुलिस, होम गार्ड, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि इस बार चढ़ावे में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण कुछ समय के लिए कठिनाइयां आईं, लेकिन प्रशासन की तत्परता से सभी व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। मेलों में लंगर सेवा, स्वास्थ्य शिविर, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम प्रभावशाली रहे।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि इस वर्ष की सफलता को देखते हुए अगले वर्ष मेलों को और अधिक सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केन्द्रित बनाया जाएगा, ताकि भक्तों को बेहतर धार्मिक अनुभव मिल सके।