एयरपोर्ट के विरोध में मुख्यमंत्री से मिलता संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल। स्त्रोत : संघर्ष समि
गगल (कांगड़ा)। गगल एयरपोर्ट विस्थापित संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। समिति के अध्यक्ष रजनीश मोना ने बताया कि गगल हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित होने वाले लोगों की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
रजनीश मोना ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट था, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री को पहले से ही मालूम था कि इस प्रोजेक्ट में विस्थापन की बड़ी समस्या आएगी और मांझी खड्ड पर रनवे बनाने में भी तकनीकी कठिनाइयां होंगी। इसलिए उन्होंने कांगड़ा जिला के अधिकारियों को औपचारिकताएं अधूरी रखने का निर्देश दिया, जिससे नई सरकार के लिए अड़चनें खड़ी हो सकें।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत हिमाचल की गरीब जनता के हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसका सीधा असर विस्थापित होने वाले लोगों पर पड़ रहा है। मोना ने कहा कि प्रभावित परिवारों के पास रहने के लिए जमीन नहीं बचेगी और सरकार ने उनके पुनर्वास को लेकर अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से अपील की कि या तो इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से निरस्त किया जाए या फिर इसका निर्माण किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर करवाया जाए, जिससे विस्थापन की समस्या कम हो और प्रभावित लोगों को बेघर न होना पड़े। समिति को मुख्यमंत्री से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।