पालमपुर(कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर जल्द ही आईमा वार्ड में अवैध निर्माण के मामले में फैसला सुनाने वाला है। इसके लिए नगर निगम 7 फरवरी तक अपनी जांच रिपोर्ट को फाइनल करेगा। रिपोर्ट में सारे दस्तावेज़ों की समीक्षा की जाएगी और किसी भी कमी को पूरा किया जाएगा। इस मामले की अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, जिसमें सभी पक्षों की दलीलें भी सुन ली गई हैं और उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत निशानदेही भी की गई है।
यह मामला 2020 से जुड़ा है, जब आईमा वार्ड में अवैध निर्माण का मुद्दा 2023 में उठाया गया था। इसके बाद, विधानसभा लेखा समिति ने विजिलेंस को जांच का आदेश दिया था। इस पर विजिलेंस ने अपनी जांच में नगर निगम के पूर्व आयुक्त, टाउन प्लानर और एक आउटसोर्स पर लगे जेई को मामले में दोषी करार दिया था। जेई को पद से हटा भी दिया गया था, लेकिन इसी दौरान मकान मालिक ने 29 जुलाई 2023 को उच्च न्यायालय में निगम प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जबकि कूहल से प्रभावित होने वाले 12 लोग भी 23 जुलाई 2024 को कूहल के अस्तित्व को बरकरार रखने और अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचे।
इस पर चले इस मामले में शिमला उच्च न्यायालय ने नगर निगम को निर्माण से संबंधित सभी प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने, कूहल को कब्जा मुक्त करने के लिए छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। अब नगर निगम ने हाईकोर्ट के आए आदेशों पर अमल करते हुए मामले की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसमें सभी पक्षों की दलीलें भी सुन ली गई हैं। इसका फैसला नगर निगम के आयुक्त की कोर्ट में ही होगा। सूत्र बताते हैं कि यह फैसला नगर निगम की ओर से 15 फरवरी तक सुनाया जा सकता है। पालमपुर नगर निगम के एक अधिकारी ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि आईमा के अवैध निर्माण मामले की हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक सारी औपचारिकता पूरी कर ली गई हैं। इस मामले का फैसला जल्द हो जाएगा।