ज्वालामुखी (कांगड़ा)। उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत आने वाले वार्ड दसमा के ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने इस निर्णय के खिलाफ उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) ज्वालामुखी को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो पूरा वार्ड मतदान का बहिष्कार करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले वार्ड दसमा और चाड़ल, ग्राम पंचायत हिरण का हिस्सा थे। अब पुनर्गठन में दसमा को फकलोह पंचायत के साथ जोड़ दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार हिरण पंचायत घर उनके गांव से मात्र 150 मीटर की दूरी पर है, जबकि नई पंचायत फकलोह की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। इससे रोजमर्रा के पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पूर्व प्रधान ममता ठाकुर व ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुविधा को देखते हुए इस फैसले को बदला जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि विकास और प्रशासनिक कार्यों के लिए हिरण पंचायत ही उनके लिए सुविधाजनक है। इस अवसर पर रूपलाल, करनैल सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, लाल दीन, सुनील कुमार, संगीता रानी, अंजना कुमारी, अनीश कुमार और निशा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।