ज्वालामुखी में अव्यवस्तिथ भीड़। स्त्रोत : संवाद
सिर्फ दो मेटल डिटेक्टर, मुख्य मार्ग पर मची अफरा-तफरी
बाजार में पुलिस नदारद, श्रद्धालु खुद बना रहे थे अपना रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर शनिवार को मां ज्वाला देवी मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन भीड़ के सामने मंदिर प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाएं दम तोड़ती नजर आईं। सुरक्षा से लेकर दर्शन तक कोई ठोस इंतजाम नहीं दिखा। श्रद्धालु सड़कों पर धक्का-मुक्की करते हुए खुद ही अपना रास्ता बनाते रहे।
मुख्य मंदिर मार्ग पर कतारबद्ध दर्शन की कोई व्यवस्था नहीं थी। भीड़ बेकाबू होती दिखी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को इस अफरा-तफरी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि भीड़ अनियंत्रित हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मंदिर में सुरक्षा के नाम पर महज दो मेटल डोर डिटेक्टर लगाए गए थे। श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से ये कम साबित हुए। वहीं, मुख्य बाजार में पुलिसकर्मी न के बराबर दिखाई दिए। श्रद्धालु लाइन में न रहकर पूरी सड़क पर फैल गए। पुलिस को कोई नियंत्रण करते नहीं देखा।
उधर, मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि सुबह के समय भीड़ अधिक होने से कुछ समय के लिए परेशानी हुई, लेकिन दोपहर तक स्थिति नियंत्रण में आ गई थी। वहीं, डीएसपी आरपी जसवाल ने कहा कि भीड़ अधिक होने के चलते आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। शहर में ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। सभी पुलिस कर्मी नवरात्र समाप्ति तक अपनी ड्यूटी निभाएंगे।