हरिपुर के बिलासपुर में तहसीलदार ने निशानदेही के बाद दूसरे पक्ष को 25 अप्रैल से पहले फसल काटने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुलेर (कांगड़ा)। हरिपुर के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर की जमीन की निशानदेही का विवाद खत्म हो गया है। पिछले चार महीनों से चर्च का विषय बनी निशानदेही प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई है। राजस्व विभाग के कर्मचारी ने तहसीलदार हरिपुर के नेतृत्व में बिलासपुर स्कूल पहुंचे। प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार हरिपुर सुरेश कुमार की मौजदूगी में निशानदेही को शुरू किया गया, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद रहे।
निशानदेही में स्कूल की भूमि पर दूसरे पक्ष का कब्जा पाया गया। जहां पर उन्होंने गेहूं और अन्य फसलें बीजी हुई थीं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने वहां पर जाकर एंगल गाड़ दिए हैं। तहसीलदार ने मौके पर भूमि को खाली करने के आदेश भी जारी कर दिए। मगर सूत्रों के मुताबिक एसएमसी कमेटी की सहमति से उन्हें 25 अप्रैल तक का वक्त दे दिया गया, ताकि वह अपनी फसलों को वहां से काट सकें। जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पूर्व स्कूल में तत्कालीन प्रधानाचार्य शीला देवी ने स्कूल कि भूमि पर हुई निशानदेही पर आपत्ति जाहिर करते हुए उसे नामंजूर कर दिया था। इसके बाद प्रधानाचार्य स्वयं स्कूल स्टॉफ और प्रबंधन के साथ तहसीलदार हरिपुर के पास प्रार्थना पत्र लेकर हाजिर हुई कि निशानदेही को दोबारा करवाया जाए। इसमें तहसीलदार स्वयं मौके पर जाएं। इस के बाद तय हुई तारीख के दौरान मंगलवार को निशानदेही दोबारा करवाई गई, जिसमें स्कूल की भूमि सामने आ गई है।
बिलासपुर स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्य सरिता पटियाल ने बताया कि तहसीलदार हरिपुर की देखरेख में स्कूल में निशानदेही की प्रक्रिया पूरी हुई है। उधर, तहसीलदार हरिपुर सुरेश कुमार ने बताया कि दूसरे पक्ष में अवैध कब्जा हटाने के लिए वक्त मांगा है, जिस पर स्कूल प्रबंधन ने सहमति जताई है।