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Kangra News: पौंग झील के किनारे जलाई फसल, बढ़ी परेशानी, पशु-पक्षी भी आ रहे चपेट में

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पौंग झील के किनारे पराली में लगाई आग के बीच चारे की तलाश में फंसे बेसहारा मवेशी।
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नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। पौंग झील के किनारे भू-माफिया की ओर गेहूं की फसल को कंबाइन से काटने के बाद बचे हुए अवशेष को लगाई गई आग अभी भी कई जगह पर धधक रही है। वहीं, इस दौरान विभाग की तरफ से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं गया है। इससे झील के किनारे रह रहे लोगों को डर के साए में जीने को मजबूर हैं। झील में आग की तपिश की लू से झील के किनारे बनाए घरों के लोगों का जीना बेहाल हो गया है।
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अब आग की लपटें लावारिस पशुओं को भी चपेट में ले रही हैं। पौंग झील के साथ लगते पांच विधानसभा क्षेत्रों के लावारिस पशुओं की शरण स्थली है। आगजनी से कुछ लावारिस पशु बीच में फंसे हैं। पर्यावरणविद मिल्की राम शर्मा, उजागर सिंह और कुलवंत ठाकुर ने बताया कि वे हैरान है कि अभी विभाग ने न तो इन आगजनी करने वालों पर कार्रवाई की ओर न ही विभाग द्वारा आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की मदद ली है। इससे जनता का रोष विभाग के प्रति बढ़ता जा रहा है।
पक्षियों के अंडे भी हुए नष्ट
झील के इस खाली के क्षेत्र में डेरा जमाए कुछ प्रजातियों के साइबेरियन पक्षी और स्थानीय पक्षी प्रजनन के दौरान इसी जगह पर अंडे देते हैं। जिनके अंडे भी नष्ट होने की पूरी संभावना बन गई है। पर्यावरण प्रेमियों में वन्य प्राणी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।
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