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Kangra News: क्रूरता और परित्याग बने आधार अदालत ने दी तलाक की मंजूरी

Fri, 14 Aug 2026 05:18 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। परिवार न्यायालय देहरा की अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडेय की अदालत ने करीब 17 वर्षों से अलग रह रहे दंपती के विवाह को विच्छेद करने का आदेश दिया है।
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अदालत ने पत्नी के साथ क्रूरता और परित्याग के आरोपों को साबित मानते हुए तलाक की डिक्री जारी की। अलग रहने के दौरान पति ने पत्नी और बेटे से संपर्क तक नहीं किया था।
मामले के अनुसार तहसील देहरा के अंतर्गत क्षेत्र की महिला ने बताया कि उनका विवाह 22 जुलाई 2005 को फतेहपुर तहसील क्षेत्र के व्यक्ति से हुआ था। दंपती का एक बेटा भी है।
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पत्नी का आरोप था कि शादी के बाद ससुराल में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। वह 5 मार्च 2009 को मायके चली गई और इसके बाद पति ने उसे वापस लाने का प्रयास नहीं किया।
पत्नी ने वर्ष 2010 में भरण-पोषण के लिए मामला दायर किया था, जिसमें अदालत ने पति को पत्नी और बेटे के लिए 4500 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। फैसले के अनुसार पति ने यह राशि भी अदा नहीं की और मार्च 2009 के बाद पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं किया। पंचायत स्तर पर समझौते के प्रयास भी सफल नहीं हुए।
अदालत में पति पेश नहीं हुआ और नवंबर 2024 को उसे एकतरफा कर दिया गया। पत्नी और पंचायत वार्ड सदस्य की गवाही के आधार पर अदालत ने माना कि पत्नी के साथ क्रूरता और परित्याग हुआ व दोनों के बीच वैवाहिक संबंध बहाल होने की कोई संभावना नहीं है। इसके बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए डिक्री जारी की।
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