धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला स्थित डीसी कार्यालय परिसर कोरोना महामारी को न्यौता दे रहा है। डीसी कार्यालय परिसर में तहसील कार्यालय और सुगम सेंटर कार्य कर रहे हैं, जहां पर रोजानों लोगों की भीड़ जुट रही है। डीसी कार्यालय के प्रवेशद्वार पर न तो किसी भी व्यक्ति का तापमान चेक किया जा रहा है और न ही वहां पर सैनिटाइजर की व्यवस्था है। इतना ही नहीं कार्यालय में सैनिटाइजर स्टैंड तो लगे हैं, लेकिन उन स्टैंडों पर सैनिटाइजर लगाना जिला प्रशासन भूल गया है।
डीसी कार्यालय परिसर स्थित सुगम सेंटर में विभिन्न प्रमाणपत्रों को बनाने के लिए रोजानों कई लोग धर्मशाला पहुंच रहे हैं। इस दौरान सुगम सेंटर में रखी गई कुर्सियों पर न तो सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए कोई रोक है और न ही वहां पहुंचे लोग इसका पालन कर रहे हैं। कोरोना महामारी से बेखौफ होकर लोग ऑनलाइन सुविधा को नकार कर कतारों में खड़े होकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यहां पर रोजाना जहां 150 से 200 के करीब विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन लोग स्वयं पहुंचकर कर रहे हैं, वहीं 100 से 150 के करीब ऑनलाइन आवेदन भी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोक मित्र केंद्रों सहित अन्य ऑनलाइन माध्यमों से पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को अपने दस्तावेज बनाने के लिए विभागों के पास आने से रोकने के लिए ऑनलाइन सुविधा देते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट लांच की है। इस वेबसाइट के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को तहसील-उप तहसील से किसी प्रमाण पत्र बनाने के लिए आने की जरूरत नहीं है। जिला प्रशासन ने इस प्रणाली के माध्यम से पिछड़ा क्षेत्र, कानूनी वारिस, अल्पसंख्यक, कृषक, डोगरा क्लास, चरित्र प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बोनाफाइड, आय प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र, स्थायी निवासी इत्यादि विभिन्न प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने की सुविधा दी है। बावजूद इसके लोग कोरोना महामारी से बेखौफ होकर कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। वहीं, इस संदर्भ में लोगों से बातचीत करने पर राहुल, विवेक, अभिषेक, रीना और मोनिका सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस समय विभिन्न शिक्षण संस्थानों में एडमिशनों का दौर चला हुआ है, जिसके चलते उन्हें प्रमाण पत्रों की जरूरत है। उन्होंने मांग की है कि जाति प्रमाण पत्रों सहित अगर अन्य प्रमाण पत्रों की अविध को बढ़ा दिया जाए तो लोगों को बार-बार इन प्रमाणपत्रों को बनवाने की जरूरत नहीं होगी, जिसके चलते कार्यालय में भीड़ भी कम होगी।
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स्कूल-कॉलेजों में एडमिशनों ने बढ़ाई भीड़
जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में जिले के स्कूल-कॉलेजों सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया जोरों पर है। इस कारण छात्रों से जाति प्रमाण पत्र से लेकर चरित्र प्रमाण पत्र सहित कई प्रकार के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिन्हें बनवाने के लिए लोग तहसील कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।
-जिले में ई-डिस्ट्रिक प्रणाली शुरू की गई है। शुरुआती दौर में इसके अभी कम परिणाम देखने को मिल रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि लोग ई-डिस्ट्रिक प्रणाली का उपयोग करें, जिससे तहसील-उपतहसील कार्यालयों में भीड़ न जुट सके।
-राकेश कुमार प्रजापति, जिलाधीश कांगड़ा