नूरपुर(कांगड़ा)। नगर परिषद नूरपुर में कथित रूप से बिना हाउस की स्वीकृति के 17.22 लाख रुपये की लागत के छह टेंडर जारी करने करने के आरोप लगे हैं। नगर परिषद के स्थानीय पंजीकृत ठेकेदारों ने एसडीएम और कार्यकारी अधिकारी आरएस वर्मा को ज्ञापन सौंपकर इन टेंडरों का कड़ा विरोध जताया है। ज्ञापन के माध्यम से ठेकेदारों ने कहा कि नगर परिषद ने 30 मई को लगभग 17.22 लाख रुपये की लागत के वार्ड सात में पांच कार्य और वार्ड नौ में एक कार्य के लिए टेंडर नोटिस प्रकाशित करवाए। ठेकेदारों ने कहा कि नगर परिषद पहले सर्कुलेटिंग अखबारों में टेंडर नोटिस प्रकाशित करवाती थी, जिससे एक टेंडर में प्रतियोगिता होने के चलते एक पारदर्शिता रहती थी।
इस बार नगर परिषद ने मात्र एक हफ्ते की तिथि के साथ नाममात्र सर्कुलेटिंग अखबार में टेंडर लगा दिया, जिसके किसी को पता नहीं लग पाया। उन्होंने कहा कि एक ही वार्ड में पांच कायों का टेंडर समझ से परे है। ठेकेदारों ने बताया कि सरकारी अधिसूचना के अनुसार एक लाख रुपये के ऊपर की धनराशि के टेंडरों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाती है, जबकि नगर परिषद ने 2.54 लाख से लेकर 2.98 लाख रुपये के कार्यों को ऑफलाइन लगा दिया, जो कि सरकारी अधिसूचना की अवेहलना है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद चहेतों को रेवड़ियां बांटने के लिए ऐसे कार्य कर रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस संदर्भ में नगर परिषद अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि उनको इन कार्यों के टेंडर की कोई जानकारी नहीं है। हाउस में ऐसे कोई भी कार्यों को लेकर कोई स्वीकृति नहीं दी गई। कोई भी टेंडर बिना अध्यक्ष के हस्ताक्षर के नहीं खुल सकता।
वहीं, कार्यकारी अधिकारी आरएस वर्मा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कार्यकारी अधिकारी नूरपुर का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। ठेकेदारों का शिकायत पत्र मिला है, जिसके तहत उन्होंने कार्रवाई शुरू कर जांच बैठा दी है।