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ओबीसी समाज के बच्चों से आज भी भेदभाव का शिकार : सौरभ

Mon, 02 Feb 2026 07:05 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धलेरा में ओबीसी संघर्ष समिति की बैठक में मौजूद लोग। -स्रोत: आयोजक
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डरोह/सुलह (कांगड़ा)। प्रदेश ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओबीसी समाज के बच्चों के साथ आज भी भेदभाव किया जा रहा है। सुलह के धलेरा गांव में हुई संघर्ष से समाधान बैठक में उन्होंने आरोप लगाया कि योग्य होने के बावजूद ओबीसी युवाओं को नॉट फाउंड सूटेबल बताकर उच्च पदों से वंचित रखा जा रहा है।
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कौंडल ने स्पष्ट किया कि जब तक समाज एकजुट होकर संघर्ष नहीं करेगा तब तक व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को आड़े हाथ लिया। सौरभ ने कहा कि इन पार्टियों ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद 93वें संशोधन बिल को प्रदेश में लागू नहीं किया। इस बिल के अटकने के कारण ओबीसी समाज के लोग कई महत्वपूर्ण लाभों से वंचित हैं।
उन्होंने सुलह वासियों से अपील की कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष से समाधान की रणनीति पर चलना अब समय की मांग है। उच्चतम न्यायालय द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर लगाई गई हालिया रोक पर टिप्पणी करते हुए सौरभ कौंडल ने कहा कि ओबीसी संघर्ष समिति हमेशा यूजीसी के पक्ष में रही है और समाज के हितों की रक्षा के लिए उसका समर्थन जारी रखेगी।
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इस दौरान निवर्तमान जिला परिषद सदस्य ध्रुव चौधरी और संतोष कुमारी ने भी अधिक से अधिक संख्या में लोगों को समिति से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सुरेश कुमार, रमेश चौधरी, रेखा चौधरी, संजय सैनी, अमित मेहरा, सुशील धीमान, विनोद कुमार, प्रेम चौधरी, पवन कुमार, विपन चौधरी और देवेंद्र चौधरी सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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