ज्वालामुखी (कांगड़ा)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर कर्मचारी संगठन की कार्यकारिणी में हाल ही में हुई नियुक्तियों को लेकर मंदिर के अधिकांश कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का आरोप है कि यह नियुक्तियां पूरी तरह से गुपचुप तरीके से बिना किसी सूचना और पारदर्शिता के की गई हैं।
कर्मचारी इंदीवर शर्मा, रुद्र शर्मा, अभिनव शर्मा, भगवान दास, चुन्नी लाल, पिंकू कुमार, सुनीता देवी, पंकज शर्मा, मनोज कुमार, संजय, सतवीर, अशोक, सुरेंद्र शर्मा, रवि दत्त भारद्वाज, शकुंतला देवी, महेंद्र कुमार, राजू राम, बख्तावर सिंह, राहुल वासुदेवा, अतुल, मुकेश, विक्रम, हैप्पी, देवराज और कुलदीप कुमार सहित कई कर्मचारियों का कहना है कि संगठन के 90 फीसदी से अधिक सदस्यों को इस प्रक्रिया की न तो जानकारी दी गई, न ही उनसे कोई परामर्श लिया गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली पदाधिकारियों ने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए कार्यकारिणी का गठन कर दिया, जिसकी जानकारी उन्हें मंगलवार को मिली। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए संगठन में आंतरिक मतभेद और अविश्वास का कारण बताया। इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप मंदिर के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित एक विरोध पत्र जारी किया है।
इसमें इन नियुक्तियों को अवैध करार दिया गया है और जल्द से जल्द निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रकार की गुप्त और तानाशाही नियुक्तियों पर रोक नहीं लगाई गई तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।