धर्मशाला। सड़क हादसों को रोकने के लिए आम जनमानस को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। यह बात एडीएम शिल्पी बेक्टा ने मंगलवार को चेलियां में सड़क सुरक्षा और परिवहन से संबंधित खतरों के समाधान पर केंद्रित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर यातायात संकेतक (साइन बोर्ड) पर्याप्त मात्रा में लगाए जाएं और दुर्घटना संभावित स्थलों की शिनाख्त कर वहां विशेष संकेत लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके। प्रशिक्षण के पहले सत्र में आईआईटी रोपड़ के प्रोफेसर डॉ. सूर्यकांत सहदेव ने ‘अपेक्षाएं और कार्य नियम निर्धारण’ विषय पर व्याख्यान दिया।
दोपहर सत्र में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रोफेसर डॉ. अक्षय गुप्ता ने ‘पर्वतीय सड़कों की सुरक्षा डिजाइन और सुरक्षा उपाय’ पर अपने विचार साझा किए। वहीं आईआईटी रुड़की के शोध फेलो डॉ. कालीप्रसन्ना मुदुली ने ‘दुर्घटनाओं की पूर्व रोकथाम और बेहतर सड़क योजना हेतु सुरक्षा संकेतकों के उपयोग’ पर प्रस्तुति दी।
डीडीएमए समन्वयक रॉबिन ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो दिनों तक चलेगा, जिसमें सड़क सुरक्षा और परिवहन खतरों के निवारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी।