नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर क्षेत्र के दुर्गम गांव डमोह के बाशिंदों की बस सुविधा से जुड़ने की मुराद जल्द पूरी होने वाली है। आजादी के बाद से यह गांव सड़क सुविधा को तरस रहा था। इसी महीने इस सड़क का लोकार्पण हुआ और अब बस का ट्रायल सफल रहा है। ट्रायल के बाद सब डिवीजन रूट फार्मूलेशन कमेटी की बैठक के बाद बस रूट को हरी झंडी मिलेगी।
हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा शीतकालीन प्रवास के दौरान 8.68 करोड़ रुपये की लागत से बनी दरड़ नाला-डमोह सड़क का दो पुलों सहित विधिवत लोकार्पण किया था। इस दुर्गम गांव के सड़क सुविधा से जुड़ने के बाद परिवहन निगम की बस चलाने को लेकर प्रशासन की देखरेख में ट्रायल किया गया है। करीब 7.360 किलोमीटर लंबे दरड़ नाला (मिजग्रां) से डमोड बाया जनून सड़क पर आवाजाही शुरू होने से जनून, डूहग और डमोह गांव की लगभग दो हजार ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी।
डमोह के बाशिंदों तिलक चौहान, सूरजन सिंह, जनक राज, ज्ञान सिंह, चूहडू राम, मक्खन दीन और दविंद्र सिंह इत्यादि ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद डमोह के बाशिंदों को सड़क सुविधा मिलने जा रही हैं। इससे पहले बिना सड़क के लोगों को मजबूरन ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर पैदल सफर करना पड़ता था। अब बस ट्रायल होने के बाद उम्मीद है कि जल्द ही इस सड़क पर लोगों को बस की सुविधा मिलने से सफर आसान होगा।
ये थी ग्रामीणों की दिक्कत
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की मिजग्रां पंचायत में पहाड़ियों के मध्य चारों तरफ से खड्ड से घिरे इस अति दुर्गम डमोह गांव तक पहुंचने के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर जाना पड़ता है। ऐसे हालात में बीमारी, विवाह-शादियों या अन्य आयोजनों पर ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में तो डमोह गांव तहसील मुख्यालय से कट जाता है। लेकिन, अब इस मार्ग के बनने से ग्रामीणों को आसानी होगी।
- दरड़ नाला-डमोड सड़क मार्ग पर बस चलाने का ट्रायल कर लिया है। जल्द ही सब डिवीजन रूट फार्मूलेशन कमेटी की बैठक में इस सड़क पर बस चलाने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
- गुरसिमर सिंह, एसडीएम नूरपुर