टांडा (कांगड़ा)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के मुख्य द्वार पर एक निजी अस्पताल की ब्रांडिंग किए जाने का मामला सामने आया है। कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर निजी अस्पताल का बड़ा होर्डिंग लगाए जाने से न केवल नियमों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान की गरिमा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस बारे में रमेश कुमार, राज कुमार, पवन कुमार, सरोज कुमार, अश्वनी कुमार और त्रिलोक चंद सहित टांडा आने वाले लोगों का कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर निजी अस्पताल का प्रचार किया जाना अनुचित है। इससे मरीजों को भ्रमित किया जा सकता है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर भी असर पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन खुद को अंजान बता रहा है। सूत्रों के अनुसार मुख्य द्वार जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थान पर किसी निजी संस्थान का होर्डिंग लगना बिना अनुमति संभव नहीं माना जा रहा। मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से उक्त होर्डिंग को हटाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि टांडा प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या निजी अस्पताल की ओर से लगाए गए इस ब्रांडिंग होर्डिंग को यहां हटाती या नहीं। इस बारे टांडा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक विवेक बन्याल ने बताया कि मामला उनके ध्यान नहीं है। अगर मुख्य द्वार पर निजी अस्पताल का होर्डिंग लगा है, तो उसे तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाए और जिस अस्पताल का होर्डिंग है, उनको इस संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा।