धर्मशाला में सड़क पर काला धुंआ छोड़ते हुए निजी बस। अमर उजाला
धर्मशाला। धर्मशाला शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों की सड़कों पर दौड़ रहे कई छोटे-बड़े व्यावसायिक व निजी वाहन लगातार जहरीला काला धुआं छोड़ रहे हैं। इन खटारा वाहनों के पीछे चलने वाले अन्य वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति कचहरी, बाजार और प्रमुख संपर्क मार्गों पर देखने को मिल रही है जहां वाहनों का दबाव अधिक रहने से धुएं का गुबार जमा हो जाता है।
स्थानीय निवासी संजीव कुमार, लेख राज, अनुप, रजत, राकेश कुमार, अनुपम, संदीप कुमार, त्रिलोक चंद, अमरीक चंद और देस राज का कहना है कि कथित पुराने और अनफिट वाहनों से निकलने वाला गाढ़ा धुआं आंखों में तेज जलन और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर रहा है। जब ये वाहन तेज गति से आगे निकलते हैं, तो पीछे चल रहे लोगों को कुछ पलों के लिए धुएं के अंधियारे से गुजरना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि धड़ल्ले से प्रदूषण फैला रहे ऐसे वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा ढीला नजर आ रहा है। प्रदूषण जांच केंद्रों से प्रमाण पत्र होने के बावजूद सड़कों पर वाहनों की यह हालत विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। लोगों ने मांग की है कि धुआं उगलते वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर सड़कों पर वाहनों की औचक जांच की जाती है और मानक से अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों के चालान किए जाते हैं। जो वाहन तय पर्यावरणीय मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें विभाग की ओर से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) जारी नहीं किया जाता। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। -विकास जम्वाल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, धर्मशाला
धर्मशाला में सड़क पर काला धुंआ छोड़ते हुए निजी बस। अमर उजाला
धर्मशाला में सड़क पर काला धुंआ छोड़ते हुए निजी बस। अमर उजाला
धर्मशाला में सड़क पर काला धुंआ छोड़ते हुए निजी बस। अमर उजाला