धर्मशाला। मारपीट और जानलेवा हमले के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानू सिंह की अदालत ने आरोपी को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी भविष्य में किसी भी प्रकार के हमले या आपराधिक मामले में संलिप्त पाया जाता है और उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज होती है, तो उसकी जमानत तुरंत रद्द कर उसे दोबारा हिरासत में ले लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार फरवरी 2026 में पुलिस थाना कांगड़ा में यह मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 13 फरवरी की रात जब वह पारिवारिक समारोह से लौट रहा था, तब आरोपी ने अपने साथियों के साथ उसकी गाड़ी रोककर हमला किया। आरोपी ने पीड़ित के सिर पर ईंट से वार किए और बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी पर भी जैक से हमला किया। इस घटना में दोनों को चोटें आईं और वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया था।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कुल 22 मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक गंभीर मामले में उसे दोषी भी ठहराया जा चुका है (हालांकि उस सजा पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाई है)। वर्तमान में भी तीन मामले अदालत में लंबित हैं।
अदालत ने पाया कि आरोपी 14 फरवरी से न्यायिक हिरासत में है और घायलों की चोटें साधारण प्रकृति की हैं। ट्रायल लंबा चलने की संभावना को देखते हुए अदालत ने उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत के साथ ही उसे जांच में सहयोग करने, गवाहों को न डराने और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने की हिदायत दी गई है।