धर्मशाला। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश देहरा सपना पांडेय की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी की आपराधिक अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और 3.50 लाख रुपये मुआवजे की सजा को बरकरार रखते हुए दोषी को तुरंत आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार अपीलकर्ता ने अपने एक परिचित से 2.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसके भुगतान के लिए उसने दो लाख और 50 हजार रुपये के दो चेक जारी किए, जो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न करने पर मामला अदालत पहुंचा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उसने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक जारी करने और उनके बाउंस होने की बात तो स्वीकार की, लेकिन दावा किया कि वह 80,000 रुपये पहले ही चुका चुका है। हालांकि वह अदालत में इसका कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। अदालत ने पाया कि आरोपी अपने बचाव में प्रमाण देने में विफल रहा है। सत्र न्यायालय ने अपील खारिज करते हुए आदेश दिया कि दोषी ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करे अन्यथा उसके विरुद्ध वारंट जारी किए जाएंगे।