वैक्सीनेशन अभियान की कामयाबी के चलते जिला कांगड़ा कोरोना मुक्त होने के नजदीक पहुंच चुका है। गुरुवार को जिला कांगड़ा में कोरोना संक्रमण के महज दो मामले सामने आए। जिला भर में अब कोरोना संक्रमण के 19 सक्रिय मामले रह गए हैं। जिला कांगड़ा में कोरोना की चपेट में 63,701 आ चुके हैं। वहीं, अब 19 मरीजों को छोड़कर बाकी सभी लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, 1246 लोगों की इसके कारण जान गई है। विशेषज्ञों की मानें तो जिला में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के कारण कोरोना संक्रमण के प्रसार में कमी आई है। इसके बावजूद विशेषज्ञ अभी कोरोना से बचाव के लिए सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करते रहें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
जिला कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि कांगड़ा जिला में गुरुवार को कोरोना के महज 19 सक्रिय मामले रह गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जीतने के लिए 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कोरोना वैक्सीन जल्द से जल्द ले लेनी चाहिए।
टीकाकरण से कोरोना का प्रसार रुका: डॉ. विक्रम
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने बताया कि वैक्सीनेशन के कारण जिला में कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ अभी मास्क पहनना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना जरूरी है।
टांडा में उपचाराधीन सभी मरीज हुए स्वस्थ: डॉ. भानू
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. भानू अवस्थी ने बताया कि टांडा अस्पताल में कोरोना का उपचार करवा रहे सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अब यहां कोरोना का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। चूंकि वायरस कभी मरता नहीं है, इसलिए हमें कोरोना के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
वैक्सीन न लेने वालों को संक्रमण का ज्यादा खतरा: डॉ. संजय
खंड चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. संजय भारद्वाज ने बताया कि जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन ले ली है, उन्हें संक्रमण का खतरा कम होता है। अगर इन्हें कोरोना संक्रमण अपनी चपेट में ले भी लेता है, तो उनमें यह गंभीर रूप धारण नहीं करता।