पालमपुुर (कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर के वार्ड नंबर-5 (सुगर) निवासी अक्षय नाग पिछले पांच महीनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। मुंबई से घर लौटते समय रास्ते में कहीं गायब हुए अक्षय का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इससे उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुख की घड़ी में इंसाफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीण कुमार ने अक्षय के निवास स्थान पर जाकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
लापता अक्षय के पिता सुनील नाग और माता सुदर्शना नाग ने रुंधे गले से आपबीती सुनाते हुए बताया अक्षय पिछले 15 वर्षों से विकास ट्रैवल्स नवी मुंबई में बतौर सुपरवाइजर कार्यरत था। 11 सितंबर 2024 को अक्षय को स्वराज एक्सप्रेस (बांद्रा से पठानकोट) से घर आना था। 10 सितंबर को उसने मां को वीडियो कॉल कर घर आने की जानकारी दी थी और अपनी कंफर्म टिकट भी दिखाई थी।
अक्षय के दोस्तों ने उसे लोकल ट्रेन में बिठाया था, लेकिन 12 सितंबर की सुबह से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 13 सितंबर को सुबह 7:25 पर मोबाइल की घंटी तो गई, लेकिन उसके बाद फोन फिर बंद हो गया जो आज तक नहीं खुला। अक्षय अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। पूर्व विधायक प्रवीण कुमार ने परिजनों से मिलने के बाद कहा कि एक मां पांच महीने से अपने बेटे की राह देख रही है, लेकिन प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करना चिंताजनक है। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन जांच अभी तक बेनतीजा रही है।