चलवाड़ा में शबद कीर्तन करतीं बीबी महकप्रीत कौर और अन्य। -स्रोत : जागरूक पाठक
रैहन (कांगड़ा)। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब चलवाड़ा में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के तहत सुबह अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत तलवाड़ा (पंजाब) से पधारीं बीबी महकप्रीत कौर व उनके रागी जत्थे ने गुरु की वाणी का शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
समारोह के दौरान गुरुद्वारा साहिब के संचालक बाबा सोहन सिंह ने श्री गुरु गोबिंद सिंह के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल धर्मगुरु ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और क्रांतिकारी संत भी थे। उन्होंने कहा कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का त्याग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। मनुष्य के दुखों का मूल कारण उसकी तृष्णा है, जो व्यक्ति अपनी तृष्णाओं पर नियंत्रण पा लेता है, उसका जीवन स्वतः ही सुखमय बन जाता है। उन्होंने संगतों से सच्चाई, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. जगदीश सिंह, महिंद्र सिंह, जसबीर सिंह, विशाल पत्रवाल, सचिन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद