पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कार्यवाहक कुलपति डॉ. नवीन कुमार 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मगर विवि को अब तक नियमित कुलपति नहीं मिल पाया है। ऐसे में विश्वविद्यालय तीसरी बार फिर कार्यवाहक कुलपति के सहारे ही चलने की स्थिति में पहुंच गया है।
22 अगस्त 2023 से कृषि विश्वविद्यालय बिना नियमित कुलपति के चल रहा है। पहले डॉ. डीके वत्स ने कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार संभाला था।
उनके सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. नवीन कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। अब उनके भी रिटायर होने पर विवि को फिर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ रही है। नियमित कुलपति की नियुक्ति का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।
सूत्रों के अनुसार राजभवन और सरकार के बीच टकराव इस देरी का बड़ा कारण है। नियमित नेतृत्व के अभाव का असर विवि की शिक्षा, शोध और प्रसार गतिविधियों पर पड़ा है। यही कारण है कि इस साल कृषि विवि की रैंक भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) में 19वें से गिरकर 29वें स्थान पर पहुंच गई।
प्रोजेक्ट्स और शोध कार्य कम हुए हैं, शिक्षकों की कमी बनी हुई है और पेंशनरों की कई मांगें भी अटकी हैं। कृषि विवि से जुड़े सूत्रों का मानना है कि कुलपति विवि के अंदर से ही होना चाहिए, ताकि संस्थान की वास्तविक समस्याओं और व्यवस्थाओं से भलीभांति परिचित हो। बाहरी कुलपति की नियुक्ति से पूर्व में टकराव भी सामने आए हैं। संवाद