ज्वालामुखी मंदिर में गर्भगृह में दर्शन करते हुए श्रद्धालु। संवाद
ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। भारत-पाकिस्तान सीजफायर के बाद कांगड़ा जिला की शक्तिपीठों में एक बार फिर से रौनक लौटती नजर आ रही है। शनिवार को जहां मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या नाममात्र रही, वहीं रविवार को यहां श्रद्धालु पहुंचते नजर आए। हालांकि संख्या बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन शनिवार की तुलना में भक्तों की तादाद में अच्छा खासा इजाफा है। इस दौरान रविवार को तीनों शक्तिपीठों में 7000 के करीब के श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ज्वालामुखी मंदिर में 6,000, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 1200 और कांगड़ा के बज्रेश्वरी में 600 के करीब श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए।
पुलिस प्रशासन की ओर से मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। ज्वालामुखी में श्रद्धालु मैटल डिटेक्टर से होकर गुजर रहे हैं और पूरे परिसर में पुलिस व प्रशासनिक टीमें मुस्तैद हैं। वर्तमान में किसी प्रकार का भय नहीं है और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ दर्शन कर रहे हैं। पुजारी राहुल, संदीप और धीरज शर्मा ने बताया कि मंदिर में अब सब कुछ सामान्य है और प्रशासन ने सुरक्षा के सभी प्रबंध किए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी।
वहीं, श्री चामुंडा मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से अभी तक कोई अतिरिक्त पुलिस बल तैनात नहीं किया है। अभी तक शाम की आरती का समय छह बजे से रहेगा और आठ बजे मंदिर के कपाट बंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा कांगडा़ के बज्रेश्वरी मंदिर की पुजारी नीलम शर्मा ने बताया कि कांगड़ा में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।
ज्वालामुखी मंदिर में गर्भगृह में दर्शन करते हुए श्रद्धालु। संवाद