चामुंडा/ज्वालामुखी/कांगड़ा। चैत्र नवरात्र का समापन रविवार को कांगड़ा जिला की तीन शक्तिपीठों में हवन यज्ञ के साथ पूर्णाहुति और कन्या पूजन के बीच हुआ। नवमी के दिन कांगड़ा के तीन प्रमुख शक्तिपीठों में 77 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। नवरात्र के अंतिम दिन सुबह तीन बजे से ही मंदिरों के कपाट खोल दिए गए थे और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ज्वालामुखी मंदिर में 27 हजार, कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 34 हजार और चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर में 16 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में विधिवत कन्या पूजन और पूजा-अर्चना की गई, साथ ही वाद्य यंत्रों की ताल पर धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
चढ़ावा
ज्वालामुखी मंदिर में अष्टमी के दिन 1,47,341 रुपये और कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 4,96,036 रुपये का नकद चढ़ावा चढ़ा। चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धाभाव से चढ़ावा अर्पित किया।
विधायक संजय रत्न ने की पूजा-अर्चना
ज्वालामुखी मंदिर में विधायक संजय रत्न, एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा, मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा और अन्य पुजारी न्यास सदस्यों ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा की। विधायक संजय रत्न ने श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंधों की सराहना की और बताया कि यातायात, सफाई और लंगर की व्यवस्था अच्छी तरह से चल रही थी। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के उच्चतम मानकों पर काम किया।
चामुंडा मंदिर पहुंचे आर बाली, सराय के लिए दिए 50 लाख रुपये
चामुंडा मंदिर में बड़ी घोषणा चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नवरात्र का समापन पूर्णाहुति के साथ किया। उन्होंने माता-पिता की याद में चामुंडा मंदिर में सराय बनाने के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही अधिकारियों को जल्द ही नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं का आंकड़ा नवरात्र के दौरान चामुंडा मंदिर में सुरक्षा के लिए 35 पुलिस कर्मी और 27 गृह रक्षक तैनात थे, जबकि 28 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। मंदिर में नारियल चढ़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहा।
7.84 लाख श्रद्धालुओं ने पिछले सात दिन में नवाया शीश
जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी, चामुंडा और बनखंडी के बगलामुखी मंदिर में पिछले सात दिन में 7.84 लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। हिमाचल पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार ज्वालामुखी में सर्वाधिक 5,63,577 श्रद्धालु पहुंचे। माता चामुंडा में 70 हजार, कांगड़ा बज्रेश्वरी माता मंदिर में 68,650 और बनखंडी स्थित बगलामुखी मंदिर में 81,975 श्रद्धालु 30 मार्च से 5 अप्रैल तक माथा टेकने पहुंचे।
धर्मशाला के पास माता कुनाल पत्थरी मंदिर में नवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
धर्मशाला के पास माता कुनाल पत्थरी मंदिर में नवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
धर्मशाला के पास माता कुनाल पत्थरी मंदिर में नवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
धर्मशाला के पास माता कुनाल पत्थरी मंदिर में नवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
धर्मशाला के पास माता कुनाल पत्थरी मंदिर में नवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद