खुंडियां (कांगड़ा)। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के चंगर क्षेत्र खुंडियां में गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। अधिकतर मामलों में चीड़ की सूखी पत्तियों के ढेरों में एक चिंगारी से लगी आग क्षेत्र में फैल रही है। इससे जंगल के साथ सटे रिहायशी क्षेत्रों को सबसे अधिक खतरा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस सीजन में जब भी आग लगी है तो उन्हें जानमाल की सुरक्षा के लिए रात भर जागना पड़ा है। लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वन विभाग को गर्मी शुरू होने से पहले ही आग से बचाव के ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिए कि फायर वाचर और वन मित्रों का सहयोग इस काम में लिया जाए। साथ ही प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण किया जाए, ताकि आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सके। लोगों ने बताया कि सड़क के किनारे इतनी मात्रा में चीड़ की सूखीं पत्तियां पड़ी रहती हैं। इन सूखी पत्तियों या पेड़ों में कोई व्यक्ति जलती बीड़ी या सिगरेट भी फेंक दे, तो पूरा जंगल राख में बदल जाता है। इससे लाखों रुपये की वन संपदा के साथ वन्य प्राणियों को काफी नुकसान होता है।
नौ वन बीट
खुंडियां रेंज में नौ वन बीट हैं, जिसमें खुंडियां, नाहलियां, पिहड़ी, सिहोरबाला, लगड़ू, सियालकड़, डोला, मझीण और वारी शामिल हैं।
वन विभाग को गर्मी शुरू होने से पहले ही ठोस कदम उठाते हुए फायर वाचर और वन मित्रों के सहयोग से चीड़ की सूखी पत्तियों को रास्तों और सड़कों के किनारे से हटाना चाहिए। इससे जंगल क संपत्ति के साथ लोग भी सुरक्षित रहेंगे।
-बीरबल, पंचायत सुरानी के प्रधान
जंगलों में बहुत सारे प्राकृतिक जल स्रोत होते हैं, जिन्हें वन विभाग और सरकार को संवारना चाहिए ताकि जंगलों में आग लगने की स्थिति में उनका पानी आग बुझाने में प्रयोग किया जा सके।
-जगदीश चंद स्थानीय निवासी
दो साल पहले क्षेत्र के जंगल में लगी आग की चपेट में आने से पंचायत के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। विभाग को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
-आशा कुमारी, प्रधान पंचायत देहरू
वन विभाग जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है। इसमें वन विभाग के गार्ड और वन मित्रों को ट्रेनिंग में सिखाया है कि चीड़ के जंगलों में उसकी पत्तियों को कैसे हटाया जाए ताकि आग लगने की घटनाएं कम हों।
- इशानी, रेंज आफिसर, खुंडियां
खुंडिया के टीहरी में सड़क किनारे पड़ी चीड़ की पत्तियों और रखे स्लीपर। संवाद
खुंडिया के टीहरी में सड़क किनारे पड़ी चीड़ की पत्तियों और रखे स्लीपर। संवाद
खुंडिया के टीहरी में सड़क किनारे पड़ी चीड़ की पत्तियों और रखे स्लीपर। संवाद