बैजनाथ (कांगड़ा)। कांगड़ा की लाइफ लाइन कांगड़ा घाटी रेल पिछले छह माह से लोगों को अप-डाउन की सुविधा नहीं दे पा रही है। बरसात के दिनों में कांगड़ा के समीप भूस्खलन से पठानकोट-पपरोला और पपरोला से पठानकोट रेल मार्ग पर आधा दर्जन रूट बंद पड़े हैं, लेकिन इन्हें सुचारु करने का कोई प्रयास नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी भी कार्य प्रगति पर होने का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांगड़ा जिला और उसके आसपास के कुछ क्षेत्रों के लोगों को रेल की समय अनुसार सुविधा न होने पर 10 गुणा अधिक किराया खर्च करने के साथ अपना समय बर्बाद करना पड़ रहा है। पठानकोट-पपरोला रेलमार्ग से सफर करने वाले यात्रियों सुरेश कुमार, जगदीश, सरूप कुमार, रमेश, ज्ञान चंद भगवान दास, अमित और कालू राम आदि का कहना है कि रात को पठानकोट से आने वाली और सुबह व देर शाम को पपरोला से चलने वाली रेलगाड़ियों के बंद रहने के कारण रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, पठानकोट स्थित रेलवे विभाग के डीएम ने बताया कि बंद रूटों को जल्द बहाल किया जा रहा है।
रेल के इंजनों ने भी तोड़ा दम
बरसात के दिनों रेलवे ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने पर रेलवे इंजन पपरोला में खड़े-खड़े खराब हो चुके हैं। छोटे इंजन के कलपुर्जों को उपलब्ध करवाना रेलवे विभाग के लिए वर्तमान समय में टेढ़ी खीर के समान है। इन इंजनों के पुर्जे बनना अब बंद हो गए हैं। ये इंजन जुगाड़ के सहारे ही ट्रैक पर दौड़ रहे हैं। इन इंजनों की मरम्मत अमृतसर या फिर कालका में ही संभव है। पपरोला में खराब इंजनों को भी मरम्मत के लिए इन स्थानों पर भेजा गया है।
इनसेट...
यह रूट हैं बंद
पठानकोट से पपरोला के लिए रात 2:30 बजे, सुबह चार बजे और देर शाम पांच बजे चलने वाली गाड़ियाें के पहिये रुक गए हैं। पपरोला से पठानकोट के लिए सुबह 4 बजे, दोपहर बाद 2 बजे और शाम 5:30 बजे चलने वाली गाड़ियां अब तक बहाल नहीं हो सकी हैं।