ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। पौंग झील से लेकर मीलवां गांव तक 30 किमी के क्षेत्र में अवैध खनन चरम पर है। यदि पंजाब तथा हिप्र की सरकारों ने समय रहते बरसात से पूर्व अवैध खनन करने वालों को नहीं रोका तो हिमाचल के तीन दर्जन तथा सीमा पंजाब के 2 दर्जन के करीब गांव व्यास दरिया में जलमग्न हो जाएंगे। यह कहना है मंड क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण समिति के प्रधान बलबीर सिंह, सचिव मास्टर हंसराज तथा कुलदीप सिंह का। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के विरोध में पंजाब तथा हिप्र की सीमा पर स्थित गांव बेला ठाकुरा में 10 मई को दोनों सरकारों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने चेताया है कि शाह नहर हेड वर्क्स के नीचे तथा व्यास दरिया के किनारे दोनों तरफ करीब 5 क्रशर पहले से चल रहे हैं। अब यहां 12 ओर नए क्रशर लगाए जा रहे हैं। पंचायत बेला ठाकुरा, पराल, ठाकुरद्वारा, बकराड़वा, उलैहड़िया, बसंतपुर तथा मंड मियाणी के गांवों में सरकार 12 क्रशर जनता को तोहफे के रूप में देने जा रही है। लेकिन यह वक्त ही बताएगा कि इस तोहफे से गांवों का विकास होगा या तबाही। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पहले से लगे कई क्रशर मालिक जेसीबी मशीनों के साथ 10 से 20 फुट गहरा भू-खनन रात के अंधेरे में बेधड़क होकर कर रहे हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। प्रशासन भी इनके सामने बौना नजर आने लगा है। ऊपर से 12 क्रशर और लगने से यहां का नक्शा ही बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय जनता भी आने वाले बाढ़ के खतरे से चिंतित नजर आ रही है। प्रधान बलबीर सिंह ने बताया कि इस समस्या के बारे में पंजाब तथा हिप्र के मुख्यमंत्री, चेयरमैन बीबीएमबी चंडीगढ़, उद्योग मंत्री पंजाब तथा ऊर्जा मंत्री भारत सरकार को लिखा गया है।