धर्मशाला। जिला कांगड़ा में सड़कों के किनारे नालियां और ड्रेनेज सिस्टम न होने का खामियाजा वाहन चालक भुगत रहे हैं। जिले में 800 के करीब छोटी-बड़ी सड़कें हैं। कुछ शहरों में जहां सड़क के किनारे नालियां बनाई गई हैं, उन्हें भी आईपीएच विभाग ने पाइपों से भर दिया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों के किनारे नालियां बनाई ही नहीं गई हैं। नालियां न होने से सड़कें कई जगह नाले का रूप धारण कर चुकी हैं। विभाग ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने के बजाय कोलतार बिछाने पर ही जोर देता रहता है। बारिश का सारा पानी नालियों से न गुजर कर सड़क पर बहता है और सड़कों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा सड़क के बीचोंबीच गुजर रही आईपीएच पाइपों की लीकेज ने कई स्थानों पर अनचाहे ब्लैक स्पॉट बना दिए हैं, जो आए दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार धर्मशाला-मैक्लोडगंज बाईपास सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि यहां पर चालकों को बचते-बचाते वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस सड़क पर इतने गड्ढे पड़े हैं कि यह सड़क पूरी तरह से उखड़ चुका है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने सर्दी के मौसम में कई सड़कों को कोलतार बिछा कर दुरुस्त किया है। बावजूद इसके कई स्थान ऐसे हैं, जहां पर बरसात के कारण मिले जख्मों पर आज दिन तक मरहम नहीं लग पाया है। धर्मशाला-कांगड़ा वाया सकोह सड़क पर गिरा ल्हासा इसकी गवाही दे रहा है। इस स्थान पर गिरे डंगे के पास विभाग ने ड्रम और पत्थर रख कर इतिश्री कर ली है, लेकिन इसे सुधारने की ओर कोई कदम नहीं उठाया है।
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भटेहड़ में आईपीएच ने तैयार किया ब्लैक स्पॉट
लोक निर्माण विभाग जिला कांगड़ा में ब्लैक स्पॉट को कम करने के दावे कर रहा है लेकिन, आईपीएच विभाग ने कई स्थानों पर अनचाहे ब्लैक स्पॉट बना दिए हैं। इसका ताजा उदाहरण धर्मशाला-गगल वाया शीला सड़क पर भटेहड़ के पास सामने आया है। इस स्थान पर आईपीएच विभाग की लीक पाइप की वजह से तीखे मोड़ पर ब्लैक स्पॉट बन गया है, जो कभी भी दुर्घटनाओं को न्योता दे सकता है।
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जिला कांगड़ा में 800 के करीब सड़कें हैं। बरसात के कारण कांगड़ा-चंबा में 237.67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं बरसात से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। जल्द ही खराब पड़े मार्गों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- सत्यव्रत शर्मा, मुख्य अभियंता, लोनिवि कांगड़ा-चंबा।